प्रस्तावना- मनुष्य अपने भीतर एक पूरा ब्रह्मांड लेकर चलता है लेकिन अधिकतर लोग उसे देखने के लिए कभी रुकते ही नहीं। जीवन जैसे एक तेज़ भागती ट्रेन है। हम खिड़की के बाहर का दृश्य देखते रहते हैं पर डिब्बे के भीतर बैठे अपने ही अस्तित्व की तरफ कम झांकते हैं। सच तो यह है कि अपने भीतर उतरना किसी प्राचीन मंदिर की सीढ़ियाँ चढ़ने जैसा है। शांत, गहरा और थोड़ा रहस्यमयी। इसी यात्रा को सरल बनाने के लिए यहाँ 10 ऐसे प्रश्न दिए गए हैं जो आपको अंदर तक हिला सकते हैं आपको अपने सच्चे चेहरे से मिलवा सकते हैं और आपके जीवन को नई दिशा दे सकते हैं। प्रश्न 1 मैं वास्तव में कौन हूँ बिना अपनी भूमिकाओं के? हम खुद को पिता, माता, शिक्षक, छात्र, कर्मचारी, लेखक, किसान, व्यापारी आदि पहचान के चश्मे से देखते हैं। पर ये केवल भूमिकाएँ हैं असली मैं नहीं। अगर ये सारी भूमिकाएँ हट जाएँ तब क्या बचता है? आपकी आवाज़ , मूल्य , डर , इच्छाएँ , कमज़ोरियाँ , ताकतें , सपने और घाव । यह प्रश्न आपको अपनी जड़ों तक ले जाता है। आप महसूस करेंगे कि आपका असली व्यक्तित्व अक्सर धूल में छिपा रहता है जिसे यह प्रश्न धीरे-धीरे साफ करता है।...
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