राजस्थान रा लोक देवता श्री देवनारायण            (अपडेट 2026)


लोक देवता श्री देव नारायण भगवान का चित्र

लोक देवता श्री देव नारायण भगवान का चित्र

लेखक- बद्री लाल गुर्जर

राजस्थान संता अर सूरवीरां री धरती मानीजै। ई धरती माथै केई संत अर सुरवीर हुया जै जन माणस री भळाई सारू घणों पूठरौ काम करया इणमें अेक नांव राजस्थान रा लोकचावा लोकदेवता देवनारायण रौ है। वारौ जलम वि.सं. ९६८  माघ शुक्ला सप्तमी वार थावर मांय मालासेरी गांव में हुयौ। वारै पिता बगड़ावत सवाई भोज अर माता रौ नांव साढू गुर्जरी हौ जकौ खटाणा गौत्र री बताई जावै। वांरी घरहाळी रौ नांव पीपलदे हौ जौ माळवा रै धार नरेश री राजकुमारी ही वारै टाबर रौ नांव बीला नै टाबरी रौ नांव बीली बताई जावै। भगवान देवनारायण जी रौ सरूप शासक अर सूर रूप में रैयौ। वारौ व्यक्तित्व भगती अर सगती रौ संगम है। इणी`ज कारण वारै हाथ में भळहळतो भाळो अर तलवार है। देवनारायण जी समाज विरोधी ताकतां रौ नास करण सारू कैई अत्याचारी राजावां सूं युद्ध करया आपरी भगती सूं कैई सिद्धियां प्राप्त करी वै आपरै इण करामातां सूं देवरूप बणग्या अर लोक समाज नै त्राण दिरावण री महताऊ भूमिका रो निभाव करयौ। वै छुआछूत अर ऊँच नीच रा घणा विरोधी हा। अर आपरै सागै उण समय अछूत समझी जाणै वाळी जातियाँ रा मोट्यारां नै राखतां थका ऐलान करया कै देवनारायण रा मन्दिरां मांय यै लोग ही सेवा पूजा करैला।आ घटनावां सूँ पतो लागै कै देवनारायण जी साधारण घर परिवार मांय पैदा होवण वाळा अर आपरा लोकसेवी अचरज भरिया कामां सूं असाधारण व्यक्तित्व रा धणी बण जावण वाळा लोकनायक हा। वानै आयुर्वेद रौ घणों मोटौ ज्ञान हौ जकौ दीन दुखियां रौ देशी जड़ी बुटियाँ सूं ईलाज करता। गुर्जर जाति वानै आपरी श्रद्धा सूँ भगवान विष्णु रौ अवतार,लीला घोड़ा रा असवार, उद्दल, देव महाराज, देवधणी, देवजी, इग्यारह कला रा अवतार,साढू रा लाल इत्यादि कैई नामां सूं पुकारै है।

कृष्ण री तरह देवनारायण भी गायां रा रखवाळा हा,वारै कनै ९८000 गायें ही । जद देवनारायण री गायां राण भिणाय रौ राणा घेऱ ले लग्यां, तौ देवनारायण गायां री रखवाळी खातर राणा सूं युद्ध कर्या अर गायां नै छुड़ावण ल्याया। देवनारायण रै सागै १४४४ ग्वाळां रौ बळ बतायौ गयौ है, जिणरौ काम गायां नै चरावण अर गायां री रखवाळी करणियौ हौ। देवनारायण नै आपणां अनुयायीयां नै गायां री रखवाळी रौ संदेसो दियौ।

           राजस्थान मांय इणकै अनुयायीयां  नै अलग-अलग ठिकाणा पर देवालय बणवाया है, जिणकौ देवरा भी कहवै है। यै देवरा अजमेर, चित्तौड़, भीलवाड़ा, अर टोंक मांय घणी मात्रा मांय है। देवनारायण रौ प्रमुख मंदिर भीलवाड़ा जिले मांय आसीन्द कस्बे रै नजदीक खारी नदी रै किनारा माथै महाराजा सवाई भोज रौ मिन्दर  है। देवनारायण रौ एक प्रमुख देवालय निवाई तहसील रा जोधपुरिया गांव मांय मांसी नदी रै तट माथै  है जिण पर घणा जातरू आपरी मन्नत लेर माथौ टैकने आवै है।     

राजस्थान रा लोक देवता श्री देवनारायण

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राजस्थान रा लोकदेवता – श्री देवनारायण भगवान

लेखक – बद्री लाल गुर्जर

राजस्थान संतां, वीरां अर लोकदेवतां री धरती मानी जावै है। ई धरती माथै अनेक संत, महापुरुष अर सूरवीर पैदा हुया जिणां लोककल्याण खातर आपरौ जीवन समर्पित कर दियौ। इण लोकनायकां मांय एक महान नांव है – श्री देवनारायण भगवान।

देवनारायण भगवान राजस्थान रा लोकचावा लोकदेवता मान्या जावै है। वांरो जन्म विक्रम संवत 968 माघ शुक्ल सप्तमी नै मालासेरी डूंगरी गांव मांय हुयौ बतायौ जावै। वारै पिता रौ नांव सवाई भोज अर माता रौ नांव साढू गुर्जरी हौ, जिण खटाणा गौत्र री बताई जावै है।

देवनारायण जी री घरहाळी रौ नांव पीपलदे हौ, जौ मालवा रै धार नरेश री राजकुमारी ही। वारै पुत्र रौ नांव बीला अर पुत्री रौ नांव बीली बतायौ जावै है। देवनारायण जी शौर्य, भक्ति अर लोकसेवा रा अद्भुत संगम हा। इणी कारण वांरा हाथ मांय भाळो अर तलवार देखावै जावै है।

देवनारायण भगवान रौ लोककल्याणकारी जीवन

देवनारायण भगवान समाज मांय फैली छुआछूत, ऊँच-नीच अर अन्याय रा घणा विरोधी हा। वांय समाज रा पिछड़ा वर्ग अर अछूत समझी जाणै वाळी जातियां नै बराबरी रौ अधिकार दियौ। देवनारायण जी ऐलान करयौ कै वांरा मंदिरां मांय सेवा-पूजा सब जातियां रा लोग कर सकै है।

ई विचार उण समय खातर क्रांतिकारी मान्या जावै है। देवनारायण जी नै समाज सुधारक, लोकनायक अर धर्मरक्षक रूप मांय पूज्या जावै है।

गायां रा रखवाळा – लोकदेवता देवनारायण

भगवान श्रीकृष्ण री तरह देवनारायण जी भी गायां रा घणा बड़े रखवाळा हा। लोककथावां अनुसार वांरा पास 98 हजार गायां ही। जद राण भिणाय रौ राणा गायां नै घेऱ ले गयौ, तौ देवनारायण जी युद्ध कर गायां नै छुड़ावण ल्याया।

वांरा सागै 1444 ग्वाळ बतायां जावै है, जिणां रौ मुख्य काम गायां री रखवाळी अर सेवा करणियौ हौ। देवनारायण जी नै आपरा अनुयायीयां नै गौसेवा अर जीव दया रौ संदेश दियौ।

आयुर्वेद अर लोकसेवा मांय योगदान

देवनारायण भगवान नै आयुर्वेद रौ घणौ गहरौ ज्ञान हौ। वांय दीन-दुखियां रौ देशी जड़ी-बूटियां सूं इलाज करता। लोकमान्यता अनुसार वांय अनेक चमत्कार कर लोकां रौ दुख दूर करयौ। इणी कारण लोक समाज वानै भगवान विष्णु रौ अवतार मानै है।

गुर्जर समाज वानै अलग-अलग नामां सूं याद करै है, जिमें प्रमुख नाम है –

  • देवधणी
  • देवजी
  • उद्दल
  • लीला घोड़ा रा असवार
  • साढू रा लाल
  • इग्यारह कला रा अवतार

राजस्थान मांय देवनारायण जी रा प्रमुख मंदिर

राजस्थान मांय देवनारायण भगवान रा अनेक देवरा (मंदिर) बण्या हुया है। खासकर अजमेर, टोंक, भीलवाड़ा अर चित्तौड़गढ़ जिल्यां मांय वांरी घणी मान्यता है।

प्रमुख देवस्थान

  • देवनारायण मंदिर जोधपुरिया
    निवाई तहसील रा जोधपुरिया गांव मांय मांसी नदी रै किनारा माथै स्थित ई मंदिर घणौ प्रसिद्ध है। इयां हर साल लाखां श्रद्धालु जातरा करै आवै है।

  • सवाई भोज मंदिर
    खारी नदी रै किनारा माथै स्थित ई मंदिर देवनारायण भक्तां खातर आस्था रौ प्रमुख केंद्र है।

देवनारायण जी रौ संदेश

देवनारायण भगवान रो जीवन समाज सेवा, समानता, गौरक्षा, धर्म रक्षा अर मानव कल्याण रौ प्रतीक है। वांरो जीवन आज भी लोक समाज नै सत्य, साहस अर सेवा री प्रेरणा देवै है।


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राजस्थान रा लोक देवता श्री देवनारायण | Devnarayan Bhagwan History in Rajasthani

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राजस्थान रा प्रसिद्ध लोकदेवता श्री देवनारायण भगवान रौ जीवन परिचय, इतिहास, जन्म, चमत्कार, गौरक्षा, समाज सुधार अर प्रमुख मंदिरां री सम्पूर्ण जानकारी राजस्थानी भाषा मांय पढ़ो।

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